मेरे साथी ....जिन्होंने मेरी रचनाओं को प्रोत्साहित किया ...धन्यवाद

शुभ-भ्रमण

नमस्कार! आपका स्वागत है यहाँ इस ब्लॉग पर..... आपके आने से मेरा ब्लॉग धन्य हो गया| आप ने रचनाएँ पढ़ी तो रचनाएँ भी धन्य हो गयी| आप इन रचनाओं पर जो भी मत देंगे वो आपका अपना है, मै स्वागत करती हूँ आपके विचारों का बिना किसी छेड़-खानी के!

शुभ-भ्रमण

06/05/2010

कौन बहार बिखेर गया...!

सूने से मन आंगन में मेरे
ये कौन रंगोली उकेर गया....

पतझर तो था अभी-अभी
फिर कौन बहार बिखेर गया...

अपना तो नही था, झौंका
शायद माथे हाथ फेर गया....

लौट आये वो लम्हा देखूं
जो पहले कुछ देर गया ....

वेदिका

नर्मदा मैया.....!

                                                                       नर्मदा मैया