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शुभ-भ्रमण

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शुभ-भ्रमण

4 जुल॰ 2013

सार/ललित

सार/ललित छंद १६ व १२ मात्रा पर यति का विधान, पदांत गुरु गुरु अर्थात s s से,, छन्न पकैया पर प्रथम प्रयास / क्रिकेट विषय
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छन्न पकैया छन्न पकैया, टॉस करेगा सिक्का
कौन चलेगा पहली चाली, हो जायेगा पक्का ।। १

छन्न पकैया छन्न पकैया, कंदुक लाली लाली
इक निशानची ठोकर मारे, गिल्ली भरे उछाली।। २

छन्न पकैया छन्न पकैया, बादल छटते जाये
आँखों में है धूर झोंकते, धन भर घर ले आये ।। ३

छन्न पकैया छन्न पकैया, गिरा राज का कुंदा
हाथ हथकड़ी पांव बेड़ियाँ, गले पड़ गया फंदा ।। ४

छन्न पकैया छन्न पकैया, चले काठ का बल्ला
गेंद गयी सीमा बाहर ते, दीदों में है हल्ला ।। ५

छन्न पकैया छन्न पकैया, तू जीती या हारी
ठंडा बेचन हारों को तो, प्यारी है रिजगारी ।। ६

छन्न पकैया छन्न पकैया, अब प्रेशर है भारी
गुट्ट्म गोल दना दन सरपट, दौड़ी जो दे मारी ।। ७

                                                          गीतिका 'वेदिका'

8 टिप्‍पणियां:

  1. वाह ...बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    पढ़कर मन प्रसन्न हो गया!

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    1. आभार आदरणीय रूपचन्द्र शास्त्री जी!
      आशीष बनाये रखिये !!

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  2. खुबसूरत , बहुत सुंदर, लेखनी को शुभकामनाये


    यहाँ भी पधारे

    http://shoryamalik.blogspot.in/2013/01/yaadain-yad-aati-h.html

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    1. अवश्य आदरणीय शोर्य जी!
      शुक्रिया !

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  3. छन्न पकैया छन्न पकैया किरकेट सबकी प्यारी
    सार/ललित छंदों की सोंधाहट पर हम बलिहारी

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    1. आपका शुक्रिया आदरणीय राकेश कौशिक जी!

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  4. bahut achha laga aapke blog ko dekh kar..kuchh rachnaye padhi bhi hai. aap bahut achha likhte ho.likhte rahiyega.

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विचार है डोरी जैसे और ब्लॉग है रथ
टीप करिये कुछ इस तरह कि खुले सत-पथ