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शुभ-भ्रमण

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शुभ-भ्रमण

13/02/2010

हे ! भारत भू के धन्य देव ...



भाल भभूत हे! भस्मीभूत
हे! शिखर चन्द्र, हें! तपस तंद्र
हे! बाम अंग में शैल सुता
करुनानिधान, तू योगरता
हे! हरे! पितु गणेश बालक
हे! दुःख हर्ता तुम जग पालक
हे! सिद्धयोग हे! महारथी
हे! दानवीर हे! सती-पति
हे! विषपायी हे! अविनाशी
वर देते अतुल, खुद वनवासी
इतना ही वर मुझको देना
भारति माँ के दुःख हर लेना
धन-धान्य प्रगति से भर देना
फिर पूजा का अवसर देना
हे ! भारत भू के धन्य देव
ये भू समृद्ध रहे सदैव

-वेदिका
महा-शिवरात्रि २०१० (चित्र मेरे स्वयं के द्वारा लिया गया है ,)

26 टिप्‍पणियां:

  1. चित्र भी अच्छा है शब्द चित्र भी अच्छा है
    ये भी कह दू शब्दो का चयन भी अच्छा है

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  2. आपकी रचना बहुत अच्छी लगी , आपको महा शिवरात्री की बधाई ।

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  3. बढ़िया स्तुति गान...महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ!!!

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  4. आपकी रचना बहुत अच्छी लगी.....बधाई ।
    http://kavyamanjusha.blogspot.com/

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  5. सुन्दर!

    महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  6. बहुत सुन्दर चित्र और रचना

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  7. "अच्छी कविता जिसकी शुरूआत अद्भुत थी.."
    प्रणव सक्सैना amitraghat.blogspot.com

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  8. ...बहुत ही प्रभावशाली रचना,बधाई !!!!

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  9. धन-धान्य प्रगति से भर देना
    फिर पूजा का अवसर देना हे ...

    महा शिवरात्रि में शिव स्तुति में लिखी लाजवाब रचना है .... बहुत ही प्रभावी रचना ...

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  10. वाह! इतनी सुंदर फोटोग्राफी और इतनी सुंदर शिव स्तुति!...आनंद आ गया.
    ...बधाई.

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  11. आपका सामर्थ है कि आदिदेव महादेव जटाजूट भोलेबाबा शंकर बाबा की स्तुति में इतनी बढ़िया रचना लिखी.....लगा किसी मंदिर में खड़ा था....शिव मुर्ति सामने आ गई...

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  12. मेरे पास शब्द नहीं हैं ,राष्ट्रगीत के बाद शायद ये दूसरी रचना है जिसने मुझे अभिभूत कर दिया है

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  13. मेरे पास शब्द नहीं हैं ,राष्ट्रगीत के बाद शायद ये दूसरी रचना है जिसने मुझे अभिभूत कर दिया है

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  14. शिव महिमा गा वेदिका, हुई लेखनी धन्य.
    सत-शिव-सुन्दर भाव हैं, इसमें बसे अनन्य.

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  15. respected vedika ji i like ur poem very much its seems like too heart touching......... keep it up with my best wishes

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  16. अफ़सोस कि इतनी शानदार स्तुति इतनी देर से पढ़ी.

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  17. ढेरों बधाईयाँ!! शिव-स्तुति ने भाव-विभोर कर दिया!!

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  18. kyaa baat hai vedika......yah praathna to khair acchhi hi ban padi hai....saath hi tum jin shabdon men apne mehmanano ka swaagat kar rahi ho usase mere jaise mehmaan bhi vaise hi dhanya ho uthate hain....jaise tum khud....sach......

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  19. बेनामी28/3/10, 11:58 pm

    सादर नमस्ते वेदिका जी !!
    आपका ब्लॉग देखा, रचनाएँ पढ़ी, सारी रचनाएँ सुंदर है| अद्भुत है.... सुंदर भविष्य की शुभकामनाओं के साथ कहना चाहता हूँ की जल्दी ही अपनी किताब प्रकाशित करिए ताकि आपकी लेखनी और भी लोगों तक पहुंचे|
    सादर वन्दे!!

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  20. चित्र उम्दा है.. और शिव रस में डूबे शब्द तो कमाल है ही

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  21. अद्भुत रचना !!!
    सादर!

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  22. अले आप तो कित्ता प्यारा चित्र बनाती हैं और आपका ब्लाग भी खूब सजा-धजा है...


    -----------------------------------
    'पाखी की दुनिया' में जरुर देखें-'पाखी की हैवलॉक द्वीप यात्रा' और हाँ आपके कमेंट के बिना तो मेरी यात्रा अधूरी ही कही जाएगी !!

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  23. बहुत ही अच्‍छी कविता लिखी है
    आपने काबिलेतारीफ बेहतरीन


    SANJAY KUMAR
    HARYANA
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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टीप करिये कुछ इस तरह कि खुले सत-पथ