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शुभ-भ्रमण

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शुभ-भ्रमण

20/03/2011

पिय संग होली


" प्रकृति ने होली रच डाली 


कहीं पे केशर कहीं पे लाली 


उमड़ घुमड़ मुस्काता है मन 


पिय संग होली हुयी निराली "

1 टिप्पणी:

  1. पिय संग होली

    " प्रकृति ने होली रच डाली
    Sundar bhaw..

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विचार है डोरी जैसे और ब्लॉग है रथ
टीप करिये कुछ इस तरह कि खुले सत-पथ